May 1, 2026 6:55 pm

संडे का डर… अफ़रा-तफरी में घूमती सूचना, गोवा में दूसरी बार पहुंची और ‘कातिल मां’ बन गई।
गोवा के होटल में अपने 4 साल के बेटे की हत्या के आरोप में गिरफ्तार AI कंपनी की CEO, सूचना सेठ, की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। सोमवार को गोवा पुलिस ने सूचना को कोर्ट में पेश किया, जिसके बाद पुलिस को 5 दिन की और रिमांड मिल गई है। सूचना सेठ, जो बनी कातिल मां, अब 19 जनवरी तक पुलिस रिमांड में रहेगी।
इस बीच, सामने आया कि सूचना सेठ के सिर पर ‘संडे’ का खौफ सवार हो गया था। वह प्रत्येक रविवार को पति की बेटे से मुलाकात नहीं करवाना चाहती थी, इसलिए इधर से इधर भाग रही थी। यही वजह है कि सूचना सेठ ने अपने बेटे को लेकर एक हफ्ते में दो बार गोवा पहुंची और दोनों बार रविवार की मुलाकात कराने से बचने के लिए टूर किया।
इंडियन एक्सप्रेस अंग्रेजी अखबार के अनुसार, सुचना सेठ ने अपने बेटे की हत्या से एक हफ्ते पहले ही कर्नाटक से गोवा आई थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सुचना सेठ नए साल की पूर्व संध्या, 31 दिसंबर 2023 (रविवार), को गोवा आई थी और यहां 5 दिनों तक ठहरी रही। उसके साथ उसका चार साल का बेटा भी था। यहां घूमने के बाद, 4 जनवरी (गुरुवार) को वह बेटे के साथ बैंगलोर लौट गई थी।
कातिल मां ने कमरा 10 जनवरी तक बुक किया गया था।
एफआईआर के मुताबिक, गोवा से लौटने के बाद सूचना सेठ ने दो दिनों तक बेंगलुरु में रही। इस दौरान, अचानक ही उसने फिर गोवा जाने का निर्णय लिया, और 6 जनवरी (शनिवार) को वह गोवा वापस पहुंची। वह ने उत्तरी गोवा के कैंडोलिम इलाके में स्थित सोल बनयान ग्रैंड होटल के कमरा नंबर 404 में चेक-इन किया। जब उन्होंने होटल में प्रवेश किया, तो उनके साथ उनका चार साल का बेटा भी था। सूचना ने इस होटल में पहले से ही 10 जनवरी तक का बुकिंग करवा रखा था। रिसेप्शन पर उन्होंने अपना आईडी कार्ड भी सबमिट किया। लेकिन 7 जनवरी (रविवार) की रात को लगभग 9.10 बजे, सूचना ने होटल के कर्मचारियों से बताया कि उन्हें ‘जरूरी काम’ के लिए तत्पर जल्दी चेक-आउट करना है।
‘कातिल मां ने कैब होटल से बुक करवाई थी’
8 जनवरी (सोमवार) की रात, सूचना ने लगभग 10 बजे होटल के रिसेप्शन पर फोन किया और बेंगलुरु जाने के लिए एक कैब बुक करने का अनुरोध किया। हालांकि, होटल के ट्रैवल डेस्क पर इस अनुरोध को समझने में कुछ गड़बड़ी थी। ट्रैवल डेस्क पर मौजूद व्यक्ति ने सूचना को सुझाव दिया कि कैब से बेंगलुरु जाने की बजाय, फ्लाइट से जाना कहीं ज्यादा सस्ता और समय बचाएगा। लेकिन, सूचना ने अपनी योजना को बदलकर कैब से जाने का निर्णय लिया और तत्काल एक कैब बुक करने का आदान-प्रदान किया। सूचना ने ट्रैवल डेस्क से यह भी कहा कि पैसे की चिंता नहीं करनी चाहिए, जो भी किराया होगा, उसे वह तुरंत दे देगी।
‘होटल निकलते समय, हाथ में सिर्फ बैग था’

8 और 9 जनवरी की दरमियानी रात, लगभग 1 बजे, एक इनोवा कार होटल पहुंची। सूचना ने रिसेप्शन पर पहुंचकर अपना बिल चुकाया और चेकआउट किया। इसके बाद, उन्होंने एक बैग संग लेकर होटल से बाहर निकलते हुए इनोवा कार में चढ़ाई। यह कार गोवा से बेंगलुरु की ओर रवाना हुई। होटल में, सूचना अपने तीन साल के बेटे के साथ थी, लेकिन चेकआउट के बाद, जब उन्होंने होटल छोड़ने का निर्णय लिया, तब उनके पास सिर्फ एक बैग था। कार में, दो ड्राइवर भी साथ थे। सूचना को उस समय कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले से पकड़ा गया, जब पुलिस को होटल रूम में उसके बेटे की लाश मिलने की जानकारी मिली। चित्रदुर्ग पुलिस ने बैग जाँचा तो उसमें मिली बेटे की लाश।
‘सूचना सेठ ने क्यों मारा अपने बेटे को?’
पुलिस कह रही है कि सूचना और उसके अलग हो चुके पति वेंकटरमन पीआर के बीच के रिश्ते ठीक नहीं थे। दोनों अलग-अलग रहते थे और मामला कोर्ट में चल रहा है। कोर्ट ने सूचना सेठ को हफ्ते में प्रत्येक रविवार को बाप-बेटे की मुलाकात करवाने का आदेश दिया था। वहीं, सूचना और वेंकट के बीच बेटे की कस्टडी की लड़ाई की वजह से रिश्ते और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए थे। सूचना किसी भी तरह ‘रविवार’ को वेंकट और बेटे की मुलाकात नहीं होने देना चाहती थी। इसलिए वह लगातार या तो बहाने बना देती थी या बेटे को लेकर बाहर घूमने निकल जाती थी।
‘पति और बेटे को मिलने नहीं देना चाहती थी’
रविवार (31 दिसंबर) को, जब पहली बार सूचना सेठ गोवा पहुंची, उसने अपने पति वेंकट को बताया कि बेटा बीमार है, और इसलिए वह उसे मिलने के लिए नहीं भेज सकती। उसके बाद पांच दिनों तक वह गोवा में रही, और 4 जनवरी, अर्थात गुरुवार को, वह बेंगलुरु वापस लौट आई। लेकिन दो दिनों बाद ही, उसे फिर बेटे के पिताजी से मिलाने की टेंशन आने लगी। इसी कारण, उसने अचानक फिर गोवा जाने का निर्णय लिया और बेटे को साथ लेकर 6 जनवरी को फ्लाइट से फिर से गोवा पहुंच गई।
‘कोर्ट के आदेश के बाद, सूचना मुलाकात को टालने लगी।’
दो हफ्तों में लगातार दो बार गोवा जाने से पता चलता है कि सूचना नहीं चाहती थी कि उसका पति अपने बेटे से मिले। कोर्ट के आदेश की वजह से वह बहाने बनाकर मुलाकात को टाल रही थी। 6 जनवरी से 8 जनवरी, अर्थात सोमवार तक, वह गोवा में रही। वेंकटरमन के वकील अजहर मीर के अनुसार, पिछले एक साल में बेंगलुरु की फैमिली कोर्ट ने उनके मुवक्किल के पक्ष में लगातार आदेश दिए हैं। कोर्ट ने हर रविवार को वेंकट को उसके बेटे से मिलने की इजाजत दी थी, लेकिन सूचना ऐसा नहीं होने दे रही थी। फिलहाल, इसके पहले गोवा पुलिस ने सूचना सेठ से छह दिन की रिमांड पर पूछताछ की है। अब उसे पणजी की कोर्ट ने पांच दिन की रिमांड और मंजूर कर दी है।
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